LAW'S VERDICT

जब कोविड से गई पति की जान, तब क्यों नहीं दिया मुआवजा?


कांस्टेबल की विधवा की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से माँगा जवाब 

जबलपुर।  एक सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान कोविड संक्रमण से हुई मौत के मामले में उनकी पत्नी द्वारा दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके पति का निधन 25 नवंबर 2020 को कोविड संक्रमण के कारण हुआ, फिर भी उसे मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने जवाब पेश करने सरकार को दो सप्ताह की मोहलत दी है। अगली सुनवाई फरवरी माह के तीसरे  सप्ताह में होगी।

सतना में रहने वाली ललिता शुक्ला ने यह याचिका दाखिल की है। उसके पति स्व. रमाकांत शुक्ला होमगॉर्ड सतना में कांस्टेबल के पद पर काम कर रहे थे। कोविड संक्रमण के चलते 25 नवंबर 2020 को उनका निधन हो गया था। राज्य सरकार के परिपत्र के तहत याचिकाकर्ता ने मुआवजा पाने एक आवेदन दाखिल किया, जो सतना कलेक्टर द्वारा खारिज किये जाने पर यह मामला दाखिल किया गया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजीत सिंह  ने डिवीज़न बेंच को बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोविड पॉजिटिव और गंभीर वायरल कोविड निमोनिया दर्ज है। उन्होंने दलील दी कि भले ही संबंधित योजना/लाभ के लिए कट-ऑफ डेट 31 अक्टूबर 2020 तय थी, लेकिन मृतक कर्मचारी उस अवधि से पहले ड्यूटी पर थे और वहीं से संक्रमित हुए, जिसके चलते बाद में उनका निधन हो गया।

राज्य से मांगा जवाब

मामले में नोटिस स्वीकार करते हुए सरकारी पक्ष की ओर से उपस्थित डिप्टी एडवोकेट जनरल स्वप्निल गांगुली ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। डिवीज़न बेंच ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए फरवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।

WP-44909-2025

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